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jindagi main har taraf.............
जिन्दगी एक तूफ़ान है यहाँ हर शक्स परेशान है अब तो गिर गया इमान है बेटा हो या बेटी दोस्त हो या रिश्ता कोई सब रिश्तो की गरिमा से अनजान है कंहा बिक नहीं रहा भगवान् है गुरु बन बेटा हर शेतान है हर तरफ खुली दुकान है क्यूँ उसका मेरे से ऊँचा मकान है उसकी मेहनत देख हेरान है क्या यही कुदरत का भेजा इंसान है जिन्दगी मे हर तरफ .......
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